इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए स्टॉप लॉस कैसे सेट करें? | Stop Loss Kaise Lagaye | How to set stop loss?

इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए स्टॉप लॉस कैसे सेट करें? | Stop Loss Kaise Lagaye | How to set stop loss?

How to set stop Loss: स्टॉप लॉस एक ऐसा मेथड है जो किसी भी स्टॉक से होने वाले नुकसान को कम करता है। इसका उपयोग इंट्राडे ट्रेडिंग के इंट्राडे ट्रेडिंग 8 बेस्ट नियम लिए किया जाता है। लेकिन डे ट्रेडिंग के लिए स्टॉप लॉस कैसे सेट करें? (How to set stop loss?) आइये इस लेख में समझें।

How to set stop Loss For Intraday Trading: जब Day Trading होता है, तो किसी के फैसले के खिलाफ रुझान का एक महत्वपूर्ण मौका होता है, जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण नुकसान होता है। घाटे के एक विशेष स्तर पर, एक डे ट्रेडर स्टॉप लॉस ऑर्डर का उपयोग कर सकता है। स्टॉप लॉस मेथड में नीचे का ट्रेंड जब लिमिट से टकराता है तो किसी भी अधिक नुकसान को रोकने के लिए ट्रांजैक्शन ऑटोमैटिक रूप से रद्द कर दिया जाता है। stop-Loss ट्रेडिंग की आवश्यकता नहीं है और यह एक व्यक्तिगत विकल्प है, लेकिन यह एक बड़े नुकसान के खतरे को कम करता है।

तो अगर आप भी डे ट्रेडिंग करना चाहते है और इससे होने वाले खतरे को कम करना चाहते है तो इस लेख में जानिए कि इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए स्टॉप लॉस कैसे सेट करें? (How to set stop loss?)

डे ट्रेडिंग के लिए स्टॉप लॉस ऑर्डर | Stop Loss Kaise Lagaye

Intraday Trading में स्टॉप-लॉस ऑर्डर मेथड का उपयोग करना एक व्यक्तिगत विकल्प है, और स्टॉप-लॉस ऑर्डर के लिए उचित मूल्य निर्धारित करना अधिक आवश्यक है। स्टॉप-लॉस ऑर्डर ट्रेंड में एक विशिष्ट स्तर से नीचे के नुकसान को रोकते हैं और व्यापार से बाहर निकलते हैं, लेकिन अगर स्टॉप-ऑर्डर सही तरीके से नहीं रखा गया है, तो यह घाटे को बढ़ाने के लिए एक खिड़की खोलता है, और दिन के बाद से अधिक सतर्क और खतरनाक है। व्यापारी बिना किसी लाभ के समाप्त हो सकता है।

इसके अलावा, जब कोई व्यापारी छुट्टी पर या यात्रा पर होता है, तो वह यह जानकर दिन के लिए व्यापार छोड़ सकता है कि स्टॉप-लॉस ऑर्डर के कारण कोई नुकसान नहीं होगा या सीमित नुकसान होगा।

स्टॉप-लॉस ऑर्डर कितने पर लगाया जाना चाहिए

Stop Loss Kaise Lagaye: ट्रेडिंग करते समय, स्टॉप-लॉस ऑर्डर में कितना स्थान देना है, इस मुद्दे का सामना करना सामान्य है। स्टॉप-लॉस ऑर्डर का मूल्य निर्धारित करने के लिए व्यापारियों द्वारा अक्सर परसेंटेज मेथड का उपयोग किया जाता है। Stop-Loss Order आमतौर पर उस व्यक्ति द्वारा खरीद मूल्य के 10% पर रखा जाता है जो नुकसान के बड़े जोखिम को रोकना चाहता है। उदाहरण के लिए अगर स्टॉक 100 रुपये में खरीदा जाता है और स्टॉप-लॉस ऑर्डर 10% पर रखा गया है, तो जैसे ही जैसे ही स्टॉक की कीमत 90 रुपए होगी तो आर्डर समाप्त हो जाएगा। यह गारंटी देता है कि स्टॉक का आदान-प्रदान या लेनदेन पूरा होने पर कोई महत्वपूर्ण नुकसान नहीं होता है।

समर्थन और प्रतिरोध | Support and Resistance

स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करने का मुख्य लाभ समर्थन और प्रतिरोध (Support and Resistance) है इंट्राडे ट्रेडर्स बड़े नुकसान से बचने के लिए लाभ उठा सकते हैं, खासकर जब स्टॉप-लॉस पर 10% नियम का उपयोग करके और नुकसान को रोकने के लिए। जब 10% स्टॉप लॉस का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, स्टॉप-लॉस पद्धति दिन के व्यापारियों को नुकसान को रोकने में मदद इंट्राडे ट्रेडिंग 8 बेस्ट नियम करती है जब वे एक बुरा निर्णय लेते हैं और बाजार के रुझान उनके खिलाफ होते हैं।

जब स्टॉक का ट्रेंड पसंद के खिलाफ जाता है तो एक निश्चित समय पर ट्रांजैक्शन को ऑटोमैटिक रूप से समाप्त करके अतिरिक्त नुकसान को रोकने के लिए स्टॉप-लॉस मेथड का उपयोग किया जाता है। यह एक शानदार समाधान है और डे ट्रेडर्स के व्यापारियों के लिए व्यक्तिगत प्राथमिकता है जो कीमतों में गिरावट के बाद पैसे खोने से रोकना चाहते हैं। स्टॉप-लॉस ऑर्डर अक्सर स्विंग लो और हाई ऑर्डर के साथ आगे के नुकसान को रोकने के लिए उपयोग किए जाते हैं, क्योंकि वे खतरनाक होते हैं और इसके परिणामस्वरूप सामान्य से अधिक नुकसान हो सकता है।

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है

ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते है आपके मन मे भी ये सवाल जरूर आया होगा की आखिर स्टॉक मार्केट में कितने प्रकार की ट्रेडिंग होती है. मै आपको बता दू इंट्राडे ट्रेडिंग 8 बेस्ट नियम स्टॉक मार्केट में चार प्रकार की ट्रेडिंग होती है intraday trading. Swing trading. Short term trading. Long term trading. ये चार प्रकार की ट्रेडिंग कैसे की जाती है ये हम आज आपको बतायेंगे तो चलीये जानते है.शेअर मार्केट मे ट्रेडिंग कैसे होती है. और कितने प्रकार की होती है.

Intraday trading – इंट्राडे ट्रेडिंग

जब मार्केट 9 बजकर 15 मिनिट में शुरू होता है. और 3 बजकर 30 मिनिट मे बंद होता है. उस टाइम के अंदर आप जो कोई भी शेअर्स खरीद लेते है. या बेज देते है उसे इंट्राडे ट्रेडिंग कहा जाता है. यांनी की आपको इसी टाइम के अंदर शेअर्स खरीद लेना है और बेच देना है. अब हम जानते है इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे

इंट्राडे ट्रेडिंग मे आपको शेअर बाजार के उतार-चढाव के बारे मे पता होना बेहात जरुरी है. इंट्राडे ट्रेडिंग से अगर अच्छे स्टॉक का शेअर्स आप खरीद लेते है तो आप 8000 रुपये per day से भी ज्यादा कमा सकते हो

इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान

इंट्राडे ट्रेडिंग मे जितना फायदा होता है उतना ही रिक्स और loss होता है,इस ट्रेडिंग मे आपको कोई ये नही बताएगा आखिर इंट्राडे मे ट्रेडिंग कैसे करे अगर आपके पास knowledge नही है और आप नये हो तो मेरी ये राय रहेगी आपके लिए ये ट्रेडिंग नही है. क्युकी नये लोग इंट्राडे ट्रेडिंग 8 बेस्ट नियम सबसे पहले यही ट्रेडिंग करना शुरू करते है और बाद में उनको असफलता मिलती है अब हम जानते है स्विंग ट्रेडिंग

Swing trading स्विंग ट्रेडिंग

इस ट्रेडिंग मे कोई भी स्टॉक खरीदकर कुछ दिनो मे या कुछ हप्तो के अंदर बेच सकते हो इसे स्विंग ट्रेडिंग कहा जाता है .इसे ट्रेडिंग किंग भी कहा जाता है. ये ट्रेडिंग इंट्राडे की तरह नही है लेकिन इसमे आप अपना टारगेट प्राईस लगाकर loss और profit को आसानी से झेल सकते हो

स्विंग ट्रेडिंग के फायदे

अगर आप नये हो तो सुरुवात मे आपको यही ट्रेडिंग करनी चाहिए तभी आप अच्छा स्टॉक select कर पाओगे और शेअर मार्केट के उतार और चढाव के बारे मे आसानी से और बारीकीसे जान पाओगे

स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान

स्विंग ट्रेडिंग मे अगर आप अच्छे स्टॉक को नही चुन, पाओगे तो आपको लॉस ही होगा क्यूकी इस ट्रेडिंग मे अच्छे स्टॉक को चूनना बेहद जरूरी है ताकी आप ज्यादा दिन तक अच्छे से स्टॉक मे invest कर सके

Short term trading शॉर्ट ट्रम ट्रेडिंग

जब कोई ट्रेडिंग कुछ हप्तो से लेकर कूछ महिनो मे complete होता है.उसे शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग कहा जाता है शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग मे एक active trade investment हे आपको इसमे अपने स्टॉक पर नजर रखनी पडती है तभी आप अपने स्टॉक को minimise कर सकते है

शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के फायदे

वैसे तो इस ट्रेडिंग मे आप अगर पुरी research के साथ stock स्सिलेक्ट करोगे तो आप अपने लॉस ओर प्रॉफिट को मिनिमाईज कर पावोगे

शॉर्ट ट्रेडिंग के नुकसान

अगर आप किसीके कहने पर या YouTube पर video देखकर किसी स्टॉक को खरीद लेते हो तो आपको पक्का लॉस ही होगा क्युकी आप जिस किसी भी स्टॉक को सिलेक्ट करते हो ऊस कंपनी के fundamentals के बारे मे हि आपको पता नही होता तभी आप लॉस मे जाते हो

Long term trading लॉंग टर्म ट्रेडिंग

अब आप इसके नाम से ही जान गये होंग आखिर लॉंग टर्म ट्रेडिंग क्या है. इस ट्रेडिंग में आप जो कोई स्टॉक एक इंट्राडे ट्रेडिंग 8 बेस्ट नियम साल या उससे ज्यादा के लिये खरीद लेते हो उसे लॉंग टर्म ट्रेडिंग कहा जाता है

लॉंग टर्म ट्रेडिंग के नुकसान और फायदे

इसमे अगर इंट्राडे ट्रेडिंग 8 बेस्ट नियम आप कोई अच्छा स्टॉक सिलेक्ट नही कर पाओगे तो आपको नुकसान होगा .और रिसर्च करके अगर सिलेक्ट करोगे तो आपको बहुत ज्यादा प्रॉफिट भी हो सकता है

दोस्तो आशा करता हु आपको यह आर्टिकल देहत पसंद आया होगा अगर आपका कोई सवाल है तो आप हमे नीचे comment मे जरूर बताये और इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे

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FAQ

ट्रेडिंग कितने प्रकार कि होती है

ट्रेडिंग चार प्रकार की होती है
1, Intraday trading
2, Swing trading
3, Short term trading
4, Long term trading

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शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर-1 जून से लागू होंगे नए नियम, निवेशकों पर होगा सीधा असर

Stock market rules 2021 news in hindi: अगर आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हो तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. क्योंकि 1 जून 2021 से SEBI की ओर से जारी नए नियम लागू होंगे. आइए जानें इनके बारे में सबकुछ.

शेयर बाजार में आम निवेशकों के हितो का ख्याल रखने वाली संस्था सेबी (SEBI-Securities and Exchange Board of India) ने नए नियमों का ऐलान किया है. ये नियम 1 जून 2021 से लागू होंगे. नए मार्जिन नियमों का तीसरा फेस मंगलवार से लागू हो रहा है. ट्रेडर्स को 75 फीसदी अपफ्रंट मार्जिन देना होगा ब्रोकर्स के संगठन ANMI ने इसका विरोध किया है. साथ ही उन्होंने इस फैसले पर SEBI को दोबारा विचार करने को कहा है.

शेयर बाजार में आम निवेशकों के हितो का ख्याल रखने वाली संस्था सेबी (SEBI-Securities and Exchange Board of India) ने नए नियमों का ऐलान किया है. ये नियम 1 जून 2021 से लागू होंगे. नए मार्जिन नियमों का तीसरा फेस मंगलवार से लागू हो रहा है. ट्रेडर्स को 75 फीसदी अपफ्रंट मार्जिन देना होगा ब्रोकर्स के संगठन ANMI ने इसका विरोध किया है. साथ ही उन्होंने इस फैसले पर SEBI को दोबारा विचार करने को कहा है.

आइए जानें अपफ्रंट मार्जिन्स होते क्या है? अपफ्रंट मार्जिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक है. यह वह न्यूनतम राशि या सिक्योरिटी होती है जो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले निवेशक स्टॉक ब्रोकर को देता है. यह इक्विटी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग से पहले वसूली जाती है. इसके अलावा शेयर खरीदने के लिए कुल निवेश के आधार पर ब्रोकरेज हाउस भी निवेशक को मार्जिन देते थे. यह मार्जिन ब्रोकरेज हाउस निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय होती थी. इसे ऐसे समझिए कि निवेशक ने एक लाख रुपए के शेयर खरीदे हैं. इसके बाद भी ब्रोकरेज हाउस उसे एक लाख से ज्यादा के स्टॉक्स खरीदने की अनुमति दे देता है. इसके अलावा अगर खाते में एक लाख रुपये है तो ब्रोकर्स उन्हें 10 गुना तब दिन में इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अनुमति देता है. इसे ऐसे समझ सकते है. अगर आपके खाते में एक लाख रुपये है तो आप इंट्राडे में 10 लाख रुपये तक के शेयर खरीद सकते है.

आइए जानें अपफ्रंट मार्जिन्स होते क्या है? अपफ्रंट मार्जिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक है. यह वह न्यूनतम राशि या सिक्योरिटी होती है जो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले निवेशक स्टॉक ब्रोकर को देता है. यह इक्विटी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग से पहले वसूली जाती है. इसके अलावा शेयर खरीदने के लिए कुल निवेश के आधार पर ब्रोकरेज हाउस भी निवेशक को मार्जिन देते थे. यह मार्जिन ब्रोकरेज हाउस निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय होती थी. इसे ऐसे समझिए कि निवेशक ने एक लाख रुपए के शेयर खरीदे हैं. इसके बाद भी ब्रोकरेज हाउस उसे एक लाख से ज्यादा के स्टॉक्स खरीदने की अनुमति दे देता है. इसके अलावा अगर खाते में एक लाख रुपये है तो ब्रोकर्स उन्हें 10 गुना तब दिन में इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अनुमति देता है. इसे ऐसे समझ सकते है. अगर आपके इंट्राडे ट्रेडिंग 8 बेस्ट नियम खाते में एक लाख रुपये है तो आप इंट्राडे में 10 लाख रुपये तक के शेयर खरीद सकते है.

शेयर मार्केट के नियम । शेयर मार्केट का गणित

share market ka ganit/niyam

शेयर मार्केट का गणित शब्द का कोई ऐसा अर्थ न निकल लीजियेगा की चलो हमको अब वह चीज़ मिलने वाली है जिसका use करके हम शेयर मार्केट के साथ ही गणित कर देंगे तो आपको मै बता दूँ की यह एक दिन में सपना देखने वाली बात होगी। यहां पर गणित का अर्थ है नियम,तरीका ,समझ और भी बहुत कुछ इस गणित में शामिल है। आइये समझते है की एक अच्छे शेयर trader and investor में क्या quality होनी चाहिए।

-: शेयर मार्केट के 7 महत्वपूर्ण नियम :-

(1) आपको शेयर मार्केट में investor की तरह long -term invest करना चाहिए न कि trader की तरह short – term मुनाफा के बारे में सोचना चाहिए क्योकि ट्रेडर को तुरंत फायदा चाहिए होता है जो की अधिकतम केस में नहीं होता है और ट्रेडर को माल नुकसान के ही काटना पड़ता है जिससे उसको नुकसान उठाना पड़ता है। अगर सोच लॉन्ग टर्म का होता तो आप वह सौदा hold कर लेते और जब आपको उसमे profit मिलता तो उसे sell करके मुनाफा कमा लेते। यही शेयर मार्केट का नियम /गणित है।

(2) जिस भी कंपनी के शेयर में आप पैसा लगा रहे हैं उसके बारे में कुछ जानकारी इकठ्ठा कर लीजिये मेरी समझ में आपको blue chip कंपनी के शेयर में ही निवेश करना चाहिए।

  • किसी भी शेयर का fundamental जानना बहुत ही जरुरी होता है।
  • शेयर quarter to quarter result क्या रिजल्ट दे रहा है
  • YEAR TO YEAR क्या GROUTH है
  • कंपनी के शेयर गिरवी तो नहीं रक्खे पड़े हैं
  • कंपनी का मार्केट कैप क्या है
  • कम्पनी का BOOK VALUE क्या है
  • कंपनी का PB /PE RATIO क्या है
  • उस SECTOR का PB /PE RATIO क्या है
  • कंपनी का 52 WEEK HIGH और 52 WEEK LOW कितना है
  • कंपनी का मार्केट में डिमांड कितना है

शेयर बाजार-शेयर मार्केट क्या है-STOCK MARKETजानने के लिए यहाँ क्लिक करें

(3) Diversification mode में investment करना चाहिए और diversified portfolio बनाना चाहिए शेयर मार्केट का नियम /गणित यही कहता है। Diversification mode का अर्थ है की विभिन्न sector के विभिन्न share में थोड़ी मात्रा में ही निवेश करना चाहिए। विभिन्न सेक्टर जैसे – FMCG ,software ,IT ,oil & gas ,hotel ,energy ,entertainment, Tour and Travels एंड many इंट्राडे ट्रेडिंग 8 बेस्ट नियम more sector हैं। इन सेक्टरों के अंतर्गत आने वाले विभिन्न शेयर में invest करना ही Diversification mode में investment करना कहलाता है।

(4) Research on stock: कोई भी शेयर खरीदने से पहले हमें अच्छी तरह से उस पर रिसर्च कर लेना चाहिए इसके कुछ बिंदु हैं

  • Chart देखने आना चाहिए Weekly Monthly and Yearly for long term investment.
  • Resistance level क्या है इस शेयर का देखने आना चाहिए।
  • Support level क्या है इस शेयर का देखने आना चाहिए।
  • Candle stick पढ़ने आना चाहिए।
  • RSI देखने आना चाहिए।
  • MACD को पढ़ने आना चाहिए।
  • Over brought /over sell इंट्राडे ट्रेडिंग 8 बेस्ट नियम zone का पता होना चाहिए।

(5) Live Market Practice:आपने सुना ही होगा “practice make a man perfect” यही फंडा शेयर मार्केट में काम आता है। आप केवल एक शेयर को प्रैक्टिस के लिए buy करें और इस एक शेयर को खरीदने में अपना सारा ज्ञान झोक दें ,फिर analysis करें की आपने जो कुछ सीखा है उसने आपको फायदा दिलाया है की नहीं ,आप निश्चित रूप से पहले के मुकाबले अब इंट्राडे ट्रेडिंग 8 बेस्ट नियम अच्छा निर्णय ले पा रहे होंगें। इसे जारी रखिये जब तक की आप शेयर के बेचने और खरीदने में माहिर नहीं हो जाते यही शेयर मार्केट का गणित /नियम है।

(6) किसी विशेष शेयर से प्यार ,लगाव,मोह को त्यागें क्युकी मार्केट में बहुत अधिक option हैं। अगर आपको शेयर मार्केट से कामना है तो आपको धैयशील होना पड़ेगा। हो सकता है आपके इन्वेस्ट करते ही मार्केट गिर जाय और शेयर का दाम भी गिर जाएगा इस समय अगर आप पैनिक होकर माल बेच देंगें तो आपको loss हो जायेगा इसीलिए long term investment करिये और धैर्य धारण कीजिये। यदि इसका उल्टा हो जाये invest करते ही मार्केट और शेयर बढ़ जाए तो भी आप panic होकर शेयर तुरंत बेच देते हैं अगर हमें शेयर बाजार से कामना है तो मार्केट के उतार -चढाव पर धैर्य धारण करना होगा। इसे ही शेयर मार्किट का गणित /शेयर मार्केट का नियम कहते हैं।

(7) Risk management by stop-loss :पहले अपने शेयर के price का analysis करिये फिर decide करिये की कितना loss आप सहन कर सकते है और इसके निचे के पॉइंट पर अपना स्टॉप लॉस लगा लीजिये इसके निचे प्राइस जाते ही अपने आप आपका शेयर sell हो जायेगा और आप एक निश्चित नुकसान को ही सहन करना पड़ेगा। इसे ही Risk management कहते है अगर आप स्टॉप लॉस नहीं लगते तो शेयर के निचे जाने पर आपको जयादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसे ही शेयर मार्किट का गणित /शेयर मार्केट का नियम कहते हैं।

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